Tuesday, October 30, 2012

Rahul Gandhi guilty of financial irregularities ,says Swamy

Dr Subramanian Swamy has alleged Congress MP Rahul Gandhi and his sister Priyanka of serious financial irregularities and has demanded a probe by government .

Dr Swamy, who was addressing press in Ahmedabad ,said if no probe is ordered in this  matter ,he will go to the court and file a case.

Full text released by Dr swamy statement is as follows:



Mr. Rahul Gandhi registered a company called Backops Services Pvt. Ltd. On May 27, 2002 with main objective to provide “back office and advisory support services to international and domestic clients”. The company filed its accounts with RoC only in March 2007. There was no filing of 2003 and 2004. This is violative of Companies Act.
Till 2009, this company was accepting money from abroad. But it never took RBI permission which is another violation. The company stated in 20052:03 PM 10/27/2012 that it received Rs. 41 lakh as foreign exchange. The company had also appointed a US citizen Ulrik R McKnight as Director. But never informed the RoC on appointing a foreigner from 2005 onwards.
Surprisingly 2006 onwards, the AGMs were held in Priyanka Vadra official residence, 35, Lodi Estate. This is also violative of the rules on Government houses allotment.
On May 24, 2010, the company informs RoC that Rahul Gandhi has resigned from Directorship on March 24, 2009 to avoid prosecution. In 2009 election affidavit, there is no disclosure of Rahul’s shareholding in this company. The election affidavit of Mr. Rahul Gandhi as on March 31, 2009 was filed on April 4, 2009 but there is no mention of this company which is also illegal since Mr. Gandhi owns 82% share of the company and is thus the owner.
Priyanka Gandhi was appointed as Director after Rahul’s resignation on the same day. That information also took a delay of 14 months to inform RoC.
- Subramanian Swamy
____________________
Dr. Swamy has shared a file of 18 page photocopies of documents of Backop Services Private Limited, The Associated Journals Ltd and Young Indian. Many documents have signatures of Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi.
Annexed documents:
-Report of the Directors to the shareholders of Backops Services Private LTD (NO. 35, Lodhi Estate, New Delhi – 11003). Rahul Gandhi has been shown as Director along with another Director Manoj Muttu.
-Balance sheet abstract and company’s general business profile. Rahul Gandhi and Manoj Muttu are shown as Directors.
-Significant accounting policies and notes on accounts. Schedule 8. Manoj Muttu and Rahul Gandhi are shown as Directors.
-Form RRS, 2011. Pursuant to easy exit scheme, 2011. Application for striking off the name of company under the Easy Exit Scheme(EES), 2011. Priyanka Gandhi Vadra shown as Additional Director.
-Statement of Account Annexure- C year 2010. Priyanka Gandhi Vadra and Manoj Muttu’s signatures as Directors.
-Young Indian: Schedule 7: Significant accounting policies and notes to accounts for the period ended 31st March, 2012. Sonia Gandhi, Rahul Gandhi, Motilal Vora, Oscar Fernandez, Suman Dubey, Satyam G Pitroda shown as key management personnel(KMP) – Managing Committee members and founder members.
-Young Indian: Additional information as required under part IV of schedule VI to the companies act, 1956. Motilal Vora signs as Director on 26 April 2012.Other Directors’ signature not readable.
-The Associated Journals Ltd letter pad speaking about extract of the resolution no. 3 allotment of shared passed by the board of directors of The Associated Journals Limited in their board meeting held on 26 February 2011. The document is signed by Chairman Motilal Vora


Media was relatively silent on this issue. Few news papers published the news items based on the statement released at press conference.
Following are the links from Rediff and Business standard.




राहुल गान्धी एवम सोनिया गान्धी पर स्वामी के गम्भीर आरोप

जनता पार्टी अध्यक्ष डा. सुब्रमण्यम स्वामे ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गन्धी व उनके   सांसद पुत्र राहुल गान्धी पर गम्भीर अनियमित्ताओं के आरोप लगाते हुए मांग की है कि इन की जांच कर मामला दर्ज़ किया जाये. ऐसा न होने पर उन्होने स्वयम अदालत जाकर केस दर्ज़ करने की  घोषणा भी की है.

डा. स्वामी 26 अक्टूबर को अहमदाबाद में सम्वाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे.

 डा.स्वामी के इस प्रेस कंफ्रेंस की रपट नीचे दिये  लिंक में देखें .


Thursday, October 25, 2012

Janata Party Membership Drive

Janata Party has decided to relaunch Membership drive among youth at District & University level. The objective is to more & more involve  young people into constructive politics and nation building.


This membership drive will be in addition to the online membership which is open to all.  Youth from universities are being identified to work as volunteers for the purpose. Printed membership forms will be given to these members, who will enroll ACTIVE members of Janata Party.

Those willing to join as volunteers must enroll as Active members online and contact generalsecretary@janataparty.org.in

दिल्ली में औरंगजेब रोड गायब होगी ? किसकी मूर्ति होगी इंडिया गेट पर ?

जनता पार्टी अध्यक्ष डा. सुब्रमण्यम स्वामी की लोकप्रियता निरंतर बढती जा रही है. माइक्रो वेबसाइट ट्विटर पर डा. स्वामी की लोकप्रियता ने नया आयाम छू लिया है. पिछले सप्ताह उनके फोलोवर्स की संख्या एक लाख एक हज़ार पार कर गयी है.

ट्विटर पर उनके एक फोलोवर के प्रश्न के उत्तर में डा. स्वामी ने कहा कि यदि वह प्रधान मंत्री बनते हैं तो दिल्ली में औरंगजेब रोड का नाम बदल कर  "दारा शिकोह" के नाम पर किया जायेगा.   दारा शिकोह औअरंगजेब का भाई था परंतु औरंगजेब ने अपने संस्कृत के विद्वान भाई से हिंसा का सहारा लेकर  सत्ता हडप ली .

डा. स्वामी ने यह भी घोषणा की है कि उनकी सरकार बनने पर दिल्ली में इंडियागेट पर नेताजी सुभाश चन्द्र  बोस की प्रतिमा लगायी  जायेगी.


दिल्ली व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सदस्यों की बैठक


नई दिल्ली ,20 अक्टूबर, शनिवार . जनता पार्टी के  अध्यक्ष डा. सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली / रा.रा,क्षे. के कार्यकर्ताओं की  एक महत्व पूर्ण बैठक को सम्बोधित करते हुए आह्वान किया कि कमर कस लें और संघर्ष के लिये  तैयार हो जायें, समय आ गया है .


 बैठक में  दिल्ली के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश के  मथुरा, गाज़ियाबाद,मेरठ, बडौत,मुज़फ्फर नगर, हरियाणा के गुड़्गांव, पलवल, फरीदाबाद, सोनीपत,एवम राजस्थान के अलवर,  जयपुर ज़िलों के प्रतिनिधियों ने  भाग लिया तथा चर्चा की. 




बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन व आन्दोलनात्मक मुद्दों पर विचार विमर्श करना था. चूंकि यह आंतरिक बैठक थी अत: प्रेस/मीडिया को आमंत्रित नहीं किया गया था. 


बैठक का प्रारम्भ परिचय के साथ  हुआ क्यों कि अधिकांश उपस्थित सदस्य पहली औपचारिक बैठक में भाग ले रहे थे. राष्ट्रीय महासचिव डा. अरविंद चतुर्वेदी ने बैठक के उद्देश्य , संगठन के समक्ष चुनौतियां , व आनदोलन के लिये  संगठन को चुस्त दुरुस्त बनाने पर वक्तव्य  प्रस्तुत करते हुए जनता पार्टी के इतिहास पर भी प्रकाश डाला. 





                                                                                                                                                                                                                                                   डा. स्वामी ने कहा कि देश की औसत आयु कम हो रही है और यह अन्य देशों की तुलना में भारत के लिये बेहतर है. इससे हमारी उत्पादकता बढेगी तथा हम अन्य देशों के मुकाबले में बेहतर स्थिति में होंगे. 

जपा अध्यक्ष ने नई तक्नोलोजी व  ज्ञान का  सहारा लेकर गांवों की सूरत बदलने की अपनी योजना का जिक्र करते हुए बताया कि न केवल खेत की पैदावर व दुग्ध उत्पादन भी कई गुना बढाया जा सकता है,यदि सही नीतियां अपनायी जायें. 
डा. स्वामी ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपने संघर्ष व संकल्प को दोहराया तथा कार्यकर्ताओं से कहा कि किसी भी कीमत पर भ्रष्ट आचरण को न अपनायें .आने वाली पीढी हम पर गर्व करेगी. 

दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डा सुनील मागो के अतिरिक्त चर्चा में भाग लेने वालों में नवनीत काल्खंडे( मुज़फ्फर नगर), अक्षय हाडा (जयपुर), गौरव कनौजिया, शुभेन्दु आनन्द,नरेन्द्र पाल सिंह, सुब्रत गोस्वामी, विजय गिरि, प्रदीप चाहल, अनिश उनियाल,रवि चिनवन, सुमित नरूला ,हरीश शर्मा,  पंकज झा, भुवन मोहन,( सभी दिल्ली)  अरुनिशुक्ल( गुडगांव),रविन्द्र पांडे(बस्ती),रविन्द्र सिंह( बडौत), दुश्यंत शिवहरे( ग्वालियर), विनोद उपाध्याय( मेरठ), डा.य़श भारद्वाज, दीपक चौधरी ( पलवल)  ने भी भाग लिया.

उपस्थित स्दस्यों मे - सोनीपत के सतबीर चहल,अजय मलिक, डा. राकेश मलिक व उनके अन्य साथी, नौएडा से अरुन कुमार तिवारी,  दिल्ली से रिचा कटियार, अतुल सिंह, कुन्दन कुमर, संतोश कुमर, सतिश ओझा, जय प्रकाश झा, विवेक सिंह, पुश्कर भरद्वाज, कमल अग्रवाल, संतोश, अनुप अभिनन्दन, अक्षय चतुर्वेदी, अनूप कुमार, रवीश कनौजिय, संजय सिंह, ,असीम सहरेज़, सत्य प्रकाश जोशि, मुकेश कुमार, श्रीधर रमण, गौतम झा,प्रताप झा, विमल , दुर्गानन्द प्रसाद, सुमन थाकुर,  के.एल मिधा, पवन कुमार, नीरज जैन, सत्यकाम मिश्र, नवीन तोमर, गाज़ियाबाद से मयंक त्यागी, प्रस्सून पाठक व रोबिना कश्मिरि, मथुरा  से  डी एस सिसोदिया, मेरठ से सिद्धर्थ, लोकेश शर्मा, विपिन कुमार, जय कुमार,  शामिल थे. 




Wednesday, October 24, 2012

चिदम्बरम का पीछा नहीं छोड़ रहा हाशिम पुरा मामला

जनता पार्टी अध्यक्ष डा. सुब्रमण्यम स्वामी ने  उत्तर प्रदेश के मेरठ जिलान्तर्गत हाशिमपुरा मामलो को प्रभावित व्यक्तियों के परिजनों के अनुरोध पर फिर उठाया है  और इस बार उन्हे अदालत का  सहारा मिला है

1987 में मेरठ ज़िले में साम्प्रदायिक तनाव रहा था . उस समय प्रदेश में बीर बहादुर सिंह मुख्य मंत्री थे. केन्द्र में राजीव गान्धी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी तथा इसमें पी चिदम्बरम गृह राज्य मंत्री थे.

  कहा जाता है 1987 में 22 मई की रात  हाशिमपुरा से युवकों को पी ए सी के जवानों ने गाडी में लादा और रात में उन्हे  गोली मारकर लाशों को नहर में फेंक दिया.

इस मामले में जांच की मांग को लेकर डा. स्वामी ने आमरण अनशन किया था . आठ दिन बाद प्रधान मंत्री ने जांच की मांग स्वीकार की और पी ए सी के सिपाही व अधिकार्रियो के खिलाफ मामला दर्ज हुआ.


डा.स्वामी की आमरणअनशनके दौरान जांच ( 5 अगस्त 1988)
डा. स्वामी के बांयें सिरहाने बैठे हैं  अरविन्द चतुर्वेदी
  
 

कुछ माह    पूर्व जब प्रभावित व्यक्तियों के परिजनों ने डा. स्वामी से दुबारा हस्तक्षेप का  अनुरोध किया तो डा. स्वामी ने अदालत  में फिर मुकदमा दायर करके चिदम्बरम की भूमिका की जांच की मांग की. 16 अक्टूबर को अदालत ने सरकारी वकील के ज़रिये से नोटिस ज़ारी करके पूछा है कि क्यों न यह मामला जांच के लिये आगे  ले जाया जाये.

बिहार प्रदेश ज पा इकाई का पुनर्गठन , प्रो. देवेन्द्र प्रसाद नये अध्यक्ष बने

जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सुब्रमण्यम स्वामी ने बिहार प्रदेश जनता  पार्टी की  इकाई का पुनर्गठन कर दिया है . फलस्वरूप   प्रो. देवेन्द्र प्रसाद सिंह को  अध्यक्ष बनाया गया है.

16 अक्टूबर को  राजधानी पटना में आयोजित  एक संवाददाता सम्मेलन में डा. स्वामी ने यह घोषणा की.
साथ ही चन्द्रदेव शर्मा को संचालन समिति का सलाहकार, प्रो पारस नाथ राय को उपाध्यक्ष, , मनोज कुमार एवम आनन्द प्रकाश विद्यार्थी   को महासचिव तथा सतीश कुमार को सचिव नियुक्त किया गया है.

डा. स्वामी ने  निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मुरली मनोहर सिंह को राष्ट्रीय सचिव बनाने की घोषणा  की तथा उन्हे झार्खण्ड व पश्चिम बंगाल संगठन में प्रभारी महासचिव के साथ कार्य सौम्पा है.

 16 अक्टूबर  को  प्रात: 11 बजे दिल्ली से पधारने पर जपा अध्यक्ष का हवाई अड्डे पर फूल मालाओं व नारों से जोरदार स्वागत किया गया. डा. स्वामी के साथ इस दौरे में प्रभारी महासचिव डा. अरविन्द चतुर्वेदी व संग्ठन महासचिव अभिषेक जोशी भी थे.

हवाई अड्डे से  लगभग 200 मोटर साइकिल सवारों व उसके पीछे अन्य वाहनों में ज पा कारय कर्ताओं ने शोभा यात्रा निकाल कर अपना जोश ज़ाहिर किया.


यह जुलूस लगभग डेढ घंटे बाद  लोकनायक जय प्रकाश नारायण की प्रतिमा पर पहुंचा ,जहां   डा. स्वामी ने माल्यार्पण तथा उपस्थित कारयकर्ताओं को सम्बोधित किया.  तदुपरांत होटल रिपब्लिक पहुंचने पर तमाम ज पा कार्यकर्ताओं को भ्रष्टाचार से लडने की शपथ दिलाई.

बाद में^ संवाद दाताओं^ से बातचीत में डा स्वामी ने कहा की चूंकि जपा राजग का एक अंग है अत: लोकसभा हेतु  वह अन्य दलों से सलाह करेंगे.






Thursday, October 11, 2012

( आज जिनका जन्म दिन है ) अमर रहेंगे लोकनायक जय प्रकाश नारायण


जब भारतीय लोकतंत्र खतरे  में था और लोकतांत्रिक व्यवस्था को तहस नहस कर के देश पर तानाशाही लादने का प्रयास हो रहा था ,तब रोशनी की एक किरण बनकर देश को फिर से लोकतांत्रिक प्रकाश में ले जाने वाले लोकनायक जय प्रकाश नारायण का आज जन्म दिन है.
यह दुर्भाग्य ही है कि आज समाचार पत्र-पत्रिकाओं में ,टेलीविज़न के विभिन्न चैनलों पर अमिताभ बच्चन के 70 वें जन्मदिन का उल्लास मनाया जा रहा है और देश को दूसरी आज़ादी दिलाने वाले लोकतंत्र के इस महापुरुष को मीडिया भी भूल गया है.
11 अक्टूबर 1902 को सिताब दियारा नामक स्थान पर जन्मे लोकनायक भारतीय राजनीति के महानायक तो थे ही, अपितु सत्ता से दूर रहक्रर “सम्पूर्ण क्रांति” के अपने सपनों को पूरा करने में उन्होने अपने प्राणों की भी आहुति दे कर हमें दिखा दिया कि राजनीति क्या होती है.
कुशाग्र बुद्धि वाले जय प्रकाश नारायण एक मेधावी छात्र थे और सदैव अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के बूते पुरुस्कार पाते रहते थे. किंतु इस महात्यागी, महा बलिदानी ने अपना कैरियर दांव पर लगा कर महात्मा गान्धी के असहयोग अन्दोलन में भाग लिया. बाद में वह अपनी प्रतिभा के बल पर छात्रवृत्ति पाकर अमरीका गये तथा ओहाइयो वि.वि. से स्नातकोत्तर उपाधि अर्जित की.
वह पूंजीवाद के विरोध में सर्वहारा के लिये संघर्ष को सही मानते थे. इस सोच के चलते जब वह राजनीति में आये तो उन्होने वामपंथी विचारधारा  को चुना. समाजवादी,साम्यवादी विचारों के चलते वह कांग्रेस के साथ ज्यादा दिन चल नहीं सके और सोशलिस्ट  पार्टी बनायी.
वैचारिक रूप से वह शोषण के खिलाफ थे तथा इसी के चलते वह किसान,मज़दूर,गरीब, सर्वहारा के हितों लिये  सरकार से संघर्ष करते रहे. बाद में राजनीति से उनक   मोहभंग हो गया तथा उन्होने आचार्य विनोबा भावे के भू-दान अन्दोलन की राह पकड़ ली. इसी रूप में उन्होने मध्य प्रदेश में अनेक डाकुओं  के आत्म समर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. -
1973 मे गुजरात में चिमन भाई पटेल तथा बिहार में अब्दुल गफूर के नेट्रत्व में कांग्रेस्सी सरकारें थीं ,जहां भ्रष्टाचार ,भाई भतीजावाद, लूट-खसोट ,बेरोज़गारी ,गरीबी का साम्रज्य था. जनता त्राहि त्राहि कर रही थी. ऐसे समय  में उन्होने गुजरात से नव-निर्माण आन्दोलन शुरू किया, जिसमें उन्होने छात्रों व युवकों के आन्दोलन को दिशा दी. 1974 में उन्होने बिहार मे नव-युअव्कों व छात्रों को मिलाकर जनता मोर्चा बनाया तथा सरकार के खिलाफ संन्घर्ष किया.  यह ऐतिहासिक आन्दोलन भारतीय लोकतंत्र को नयी दिशा देने वाला सिद्ध हुआ.
जबलपुर लोकसभा के उपचुनाव में कांग्रेस्सी प्रत्याशी को हराकर शरद यादव जीते और इसी के साथ जनता मोर्चा क शुभारम्भ  हो गया. जेपी ने इस आन्दोलन में गज़ब का सामंजस्य दिखाते हुए सभी गैर कांग्रेसी  दलों को एक मंच पर ला खड़ा किया. यह एक जादू सा ही था,परन्तु जेपी के नेतृत्व में ही सम्भव था. बाद में 12 जून 1975 को इन्दिरा गान्धी जब अदालत के द्वारा लोकसभा से हटा दीं गयी तो आन्दोलन और भी उग्र हो गया तथा यह देशव्यापी हो गया. 
25 जून को आपात काल ( इमर्जेंसी) लगाकर सारे विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया. ज़ेपी भी जेल में बन्द हो गये. 18 माह बाद जब चुनाव घोषित हुए तो अनेक नेता प्रचार के भी काबिल नहीं थे .जे पी ने फिर करिश्मा कर दिखाया और जनता पार्टी की सरकार मोरार जी देसाई के नेतृत्व में बनी . आज़ाद भारत में यह पहली केन्द्र सरकार थी जिसे गैर कांग्रेसी सरकार कहा जा सकता है. इसे सारे गैर-कांग्रेसी दलों का सम्र्थन हासिल था,.
यह अलग बात है कि जनता प्रयोग भी आपसी झगडों के चलते विफल रहा. जेपी हताश व निराश हो गये .
8 अक्टूबर ,1979 को इस  भारतीय क्रांतिकारी राजनेता ने भूलोक त्याग दिया. किंतु जेपी अमर रहेंगे. हमारे दिलों मे.
जनता पार्टी अध्यक्ष डा. सुब्रमण्यम स्वामी जब हार्वर्ड वि.वि अमरीका में प्राध्यापक थे तब वहां जे पी एक आमंत्रण पर पहुंचे. तब उन्हे हार्वर्ड वि.वि. से परिचित कराने तथा आव-भगत का जिम्मा दिया गया. बाद में जब डा. स्वामी भारत वापिस आये तथा राजनीति में जे पी के सम्पर्क में आये तो जे पी बहुत उत्साहित थे. दिल्ली की ऐतिहासिक रामलीला मैदान की रैली का आयोजन मुख्य रूप से डा. स्वामी को जे पी ने ही सौंपा था. अंतिम दिनों में  उन्होने डा. स्वामी से कहा था कि जनता पार्टी नहीं छोड़ना ,चाहे सब छोड़ जायें . डा. स्वामी ने ऐसा ही किया.  आज के ही दिन 1988 में बंगलौर में जब जनता दल बना तो हम लोग उसमें शामिल नहीं हुए, जब कि अधिकांश जनता पार्टी के नेता जनता दल में चले गये.  तब  इन्दुभाई पटेल को अध्यक्ष बनाया गया था. इस पर विस्तार से चर्चा फिर कभी. 
लोकनायक ने देश की राजनीति में जो परिवर्तन किया वह स्थायी तो नहीं था ,परंतु ऐसे बीज़ बो दिये गये,जिससे लोकतंत्र का पौधा परिपक्व हो गया.
जनता परिवार की श्रद्धांजलि . 

(नीचे चित्र में: जेपी और कामराज)

( लेखक : डा. अरविन्द चतुर्वेदी) 

जनता पार्टी बिहार प्रदेश कार्यकर्ता सम्मेलन

आगामी 16 अक्टूबर ,मंगल वार ,नव रात्रों के शुभ समय ,जनता पार्टी बिहार प्रदेश सम्मेलन होने जा रहा है.

जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सुब्रमण्यम स्वामी के अतिरिक्त राष्ट्रीय महासचिव द्वय डा. अरविंद चतुर्वेदी एवम अभिषेक जोशी भी पटना सम्मेलन  को सम्बोधित  करेंगे.

जपा अध्यक्ष डा. स्वामी पटना में एक मीडिया  वार्ता को भी सम्बोधित करेंगे.

पटना से प्राप्त समाचारों से जानकारी उप्लब्ध हुई है कि अनेक जिलों से  कार्यकर्ता 16 अक्टूबर को पटना पहुंचेंगे .

Janata Party meet for Delhi & NCR

Janata Party's Active members in Delhi and NCR will meet in Delhi on Saturday October 20 to chalk out the agitation plan for the Capital .

There have been many local issues as well as national issues which have bothered the public .Janata Party has decided to represent this frustration of the masses through agitation.

The meeting will also take up  organizational issues. Besides National President Dr Subramanian Swamy , the meeting will also be addressed by national office bearers . 

Janata Party to contact elections in Jammu & Kashmir

A janata party meeting of the J&K state was held to discuss the issues related to the party organizational plans in J&K state. The meeting  of activists and Office bearers was organized by state president Abdul Rahman Lone. National Gen secy Abhishek Joshi, Maharashtra janata Party leader Jawed khan and Uttarakhand JP President Zaheer Ansari attended the meeting as special invitees & observers.




Media covered the event and reported  the press meet . I am reproducing the news paper clipping in English and Urdu for the benefit of Janata Party members

Tuesday, October 9, 2012

Press Coverage in South for TN Convention

All the important newspapers in southern India  prominently carried out news related to the TN State convention of Janata Party. This  convention was held oin Coimbatore, as reported earlier on this blog.








We are reproducing some scanned clippings of the event in different languages, sent by Mr Jagdish Shetty,national General Secretary.

Wednesday, October 3, 2012

TN Janata Party State Convention

Janata Party's Tamil Nadu unit held the stae convention on 2nd October at Coimbatore. President  Dr.Subramanian Swamy was Chief guest and inaugurated the convention. The stat convention was presided over by TN Staet JP President Ms VS Chandralekha. JP's national general secretary Mr Jagdish Shetty was special guest at the function .

Dr Swamy also addressed  the media before the convention. A PTI  despatch based report is shared here ,along with photographs received  through tweets by party members.






 


 
Lok Sabha mid-term polls by March next: Subramanian Swamy

Coimbatore: There is all possibility of mid-term elections to the Lok Sabha by February-March next and the ruling Congress dispensation would lose badly, Janata Party national president Subramanian Swamy claimed on Tuesday.

Considering the present situation, there would be mid-term polls to the Lok Sabha in February or March next, he said while briefing reporters on the deliberations of the party's TamilNadu State General Council meeting, here.

Dealing with rampant corruption and tackling internal and external terrorism would be the major planks during the election campaign of the party, which has recently joined BJP-led NDA, he said.

Asked about the possibility of emergence of a Third front, particularly by allies from UPA, Swamy said, it was not practical at this juncture.



To a question on the remarks of West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee to bring a no-trust motion against UPA government and UPA ally DMK saying it would back any opposition-sponsored resolution in Parliament against allowing FDI in multi-brand retail, Swamy said, "This is the most hopeless Government. It must go as early as possible."

FDI in retail would seriously affect the livelihood of crores of small traders as they would not be able to compete with foreigners, he said.

However, Swamy said, he was not aware about the note prepared by NDA on FDI, as claimed by Union Commerce Minister Anand Sharma, since he was not part of the alliance at that time.


Swamy also said Government owed an explanation on Gujarat Chief Minister Narendra Modi's allegation about details of expenditure incurred for Congress President Sonia Gandhi's foreign travels.

Modi had yesterday alleged that according to a media report, Rs 1,880 crore were spent on travel and treatment of Gandhi. However, the Gujarat Chief Minister had offered to tender a public apology hours after making the allegation if his charge was found to be false

Monday, October 1, 2012

कहां है समाजवादी नेता और समाजवाद ?

जनता पार्टी के सदस्य सिबिन हरीदास ने अपनी प्रतिक्रिया में लिखा है कि भारत को एक सशक्त समाजवादी नेता की आवश्यकता है और हमें बिखरे हुए समाजवादियों को एकत्र करने का प्रयास करना चाहिये .

 मैने इसका उत्तर दे दिया ,फिर मुझे लगा कि यह वास्तव में एक बड़ा प्रश्न है और इस पर बहस होना चाहिये.

सभी मुद्दों को समेटना एक टिप्पणी में सम्भव नहीं है और  मैं इसे समय समय पर पूरा करूंगा. सबसे पहले कहां हैं समाजवादी नेता ?

1950 के बाद लोकनायक जय प्रकाश नारायण, आचार्य नरेन्द्र देव, आचार्य कृपलानी, बाद में डा. राम मनोहर लोहिया, चन्द्रशेखर ,मधु लिमये, मधु दंडवते, कृष्णकांत, मोहन धारिया, प्रमिला दंडवते, राजनारायण,मृनाल गोरे आदि के अतिरिक्त बाद की पीढी में सत्य प्रकाश मालवीय, जनेशवर मिश्र, मुलायम सिंह,राम विलास पास्वान, मोहन सिंह, बृज भूशण तिवारी, लालू प्रसाद ,नितिश कुमार, सुषमा स्वराज आदि सभी समाज्वादी आन्दोलन की पृष्ठ भूमि से ही राजनीति में आये. इनमें से कई बडे नेताओं ने अपने अपने गुट बनाये .कारण वही कि समाजवादियों के बारे में कहा जाता रहा है कि यह एक वर्ष अलग नहीं रह सकते,अत: इकट्ठे  हो जाते है,परंतु एक वर्ष साथ नहीं रह सकते इसलिये अलग हो जाते हैं .

यह संगठन और टूटन बदस्तूर जारी रही और अब जब कि भारत में यह आन्दोलन समाप्त प्राय ही है,और समाजवादी विचार्धारा के लोग सभी पार्टियों में बिखरे हुए हैं,और एक नीति के रूप में उनका महत्व भी कम हो गया है.

समाजवाद के नाम पर इस समय बड़ी पार्टी है मुलायम सिंह की समाजवादी पार्टी जो पिछले बीस वर्षों से अस्तित्व में है.  परंतु यह कितनी समाजवादी है ,यह सभी जानते हैं . कभी अमर सिंह इसी समाजवादी पार्टी के प्रमुख चेहरे थे.

अवश्य इस मुद्दे पर लम्बी बहस की जा सकती है, परंतु इस समय मैं मात्र एक बात कहना चाहता हूं. लोहिया को अपना नेता मानने वाले मुलायम सिंह लोहिया के सिद्धांतों का कितना पालन कर रहे हैं,सबके सामने है.

डा. लोहिया परिवार वाद के नितांत खिलाफ थे ,उन्होने नेहरू के समाजवाद की जम कर खिंचाई की. आज लोहिया के चेले मुलायम सिंह की पार्टी में सिर्फ परिवार वाद का ही बोलबाला है. उनके भाई राम गोपाल यादव सपा में महासचिव हैं, दूसरे भाई शिव पाल  उ.प्र. सरकार मे वरिष्ठ मंत्री हैं और बेटा मुख्य मंत्री है. बहू कन्नौज से सांसद है, भतीजा धरमेन्द्र यादव भी सांसद है, अब एक और भतीजे को फिरोज़ाबाद से प्रत्याशी घोषित किया गया है.  यह है लोहिया के सिद्धांतों की पार्टी ?

अन्य मुद्दे बाद में फिर कभी......