Thursday, October 25, 2012

दिल्ली व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सदस्यों की बैठक


नई दिल्ली ,20 अक्टूबर, शनिवार . जनता पार्टी के  अध्यक्ष डा. सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली / रा.रा,क्षे. के कार्यकर्ताओं की  एक महत्व पूर्ण बैठक को सम्बोधित करते हुए आह्वान किया कि कमर कस लें और संघर्ष के लिये  तैयार हो जायें, समय आ गया है .


 बैठक में  दिल्ली के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश के  मथुरा, गाज़ियाबाद,मेरठ, बडौत,मुज़फ्फर नगर, हरियाणा के गुड़्गांव, पलवल, फरीदाबाद, सोनीपत,एवम राजस्थान के अलवर,  जयपुर ज़िलों के प्रतिनिधियों ने  भाग लिया तथा चर्चा की. 




बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन व आन्दोलनात्मक मुद्दों पर विचार विमर्श करना था. चूंकि यह आंतरिक बैठक थी अत: प्रेस/मीडिया को आमंत्रित नहीं किया गया था. 


बैठक का प्रारम्भ परिचय के साथ  हुआ क्यों कि अधिकांश उपस्थित सदस्य पहली औपचारिक बैठक में भाग ले रहे थे. राष्ट्रीय महासचिव डा. अरविंद चतुर्वेदी ने बैठक के उद्देश्य , संगठन के समक्ष चुनौतियां , व आनदोलन के लिये  संगठन को चुस्त दुरुस्त बनाने पर वक्तव्य  प्रस्तुत करते हुए जनता पार्टी के इतिहास पर भी प्रकाश डाला. 





                                                                                                                                                                                                                                                   डा. स्वामी ने कहा कि देश की औसत आयु कम हो रही है और यह अन्य देशों की तुलना में भारत के लिये बेहतर है. इससे हमारी उत्पादकता बढेगी तथा हम अन्य देशों के मुकाबले में बेहतर स्थिति में होंगे. 

जपा अध्यक्ष ने नई तक्नोलोजी व  ज्ञान का  सहारा लेकर गांवों की सूरत बदलने की अपनी योजना का जिक्र करते हुए बताया कि न केवल खेत की पैदावर व दुग्ध उत्पादन भी कई गुना बढाया जा सकता है,यदि सही नीतियां अपनायी जायें. 
डा. स्वामी ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपने संघर्ष व संकल्प को दोहराया तथा कार्यकर्ताओं से कहा कि किसी भी कीमत पर भ्रष्ट आचरण को न अपनायें .आने वाली पीढी हम पर गर्व करेगी. 

दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष डा सुनील मागो के अतिरिक्त चर्चा में भाग लेने वालों में नवनीत काल्खंडे( मुज़फ्फर नगर), अक्षय हाडा (जयपुर), गौरव कनौजिया, शुभेन्दु आनन्द,नरेन्द्र पाल सिंह, सुब्रत गोस्वामी, विजय गिरि, प्रदीप चाहल, अनिश उनियाल,रवि चिनवन, सुमित नरूला ,हरीश शर्मा,  पंकज झा, भुवन मोहन,( सभी दिल्ली)  अरुनिशुक्ल( गुडगांव),रविन्द्र पांडे(बस्ती),रविन्द्र सिंह( बडौत), दुश्यंत शिवहरे( ग्वालियर), विनोद उपाध्याय( मेरठ), डा.य़श भारद्वाज, दीपक चौधरी ( पलवल)  ने भी भाग लिया.

उपस्थित स्दस्यों मे - सोनीपत के सतबीर चहल,अजय मलिक, डा. राकेश मलिक व उनके अन्य साथी, नौएडा से अरुन कुमार तिवारी,  दिल्ली से रिचा कटियार, अतुल सिंह, कुन्दन कुमर, संतोश कुमर, सतिश ओझा, जय प्रकाश झा, विवेक सिंह, पुश्कर भरद्वाज, कमल अग्रवाल, संतोश, अनुप अभिनन्दन, अक्षय चतुर्वेदी, अनूप कुमार, रवीश कनौजिय, संजय सिंह, ,असीम सहरेज़, सत्य प्रकाश जोशि, मुकेश कुमार, श्रीधर रमण, गौतम झा,प्रताप झा, विमल , दुर्गानन्द प्रसाद, सुमन थाकुर,  के.एल मिधा, पवन कुमार, नीरज जैन, सत्यकाम मिश्र, नवीन तोमर, गाज़ियाबाद से मयंक त्यागी, प्रस्सून पाठक व रोबिना कश्मिरि, मथुरा  से  डी एस सिसोदिया, मेरठ से सिद्धर्थ, लोकेश शर्मा, विपिन कुमार, जय कुमार,  शामिल थे. 




Wednesday, October 24, 2012

चिदम्बरम का पीछा नहीं छोड़ रहा हाशिम पुरा मामला

जनता पार्टी अध्यक्ष डा. सुब्रमण्यम स्वामी ने  उत्तर प्रदेश के मेरठ जिलान्तर्गत हाशिमपुरा मामलो को प्रभावित व्यक्तियों के परिजनों के अनुरोध पर फिर उठाया है  और इस बार उन्हे अदालत का  सहारा मिला है

1987 में मेरठ ज़िले में साम्प्रदायिक तनाव रहा था . उस समय प्रदेश में बीर बहादुर सिंह मुख्य मंत्री थे. केन्द्र में राजीव गान्धी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी तथा इसमें पी चिदम्बरम गृह राज्य मंत्री थे.

  कहा जाता है 1987 में 22 मई की रात  हाशिमपुरा से युवकों को पी ए सी के जवानों ने गाडी में लादा और रात में उन्हे  गोली मारकर लाशों को नहर में फेंक दिया.

इस मामले में जांच की मांग को लेकर डा. स्वामी ने आमरण अनशन किया था . आठ दिन बाद प्रधान मंत्री ने जांच की मांग स्वीकार की और पी ए सी के सिपाही व अधिकार्रियो के खिलाफ मामला दर्ज हुआ.


डा.स्वामी की आमरणअनशनके दौरान जांच ( 5 अगस्त 1988)
डा. स्वामी के बांयें सिरहाने बैठे हैं  अरविन्द चतुर्वेदी
  
 

कुछ माह    पूर्व जब प्रभावित व्यक्तियों के परिजनों ने डा. स्वामी से दुबारा हस्तक्षेप का  अनुरोध किया तो डा. स्वामी ने अदालत  में फिर मुकदमा दायर करके चिदम्बरम की भूमिका की जांच की मांग की. 16 अक्टूबर को अदालत ने सरकारी वकील के ज़रिये से नोटिस ज़ारी करके पूछा है कि क्यों न यह मामला जांच के लिये आगे  ले जाया जाये.

बिहार प्रदेश ज पा इकाई का पुनर्गठन , प्रो. देवेन्द्र प्रसाद नये अध्यक्ष बने

जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सुब्रमण्यम स्वामी ने बिहार प्रदेश जनता  पार्टी की  इकाई का पुनर्गठन कर दिया है . फलस्वरूप   प्रो. देवेन्द्र प्रसाद सिंह को  अध्यक्ष बनाया गया है.

16 अक्टूबर को  राजधानी पटना में आयोजित  एक संवाददाता सम्मेलन में डा. स्वामी ने यह घोषणा की.
साथ ही चन्द्रदेव शर्मा को संचालन समिति का सलाहकार, प्रो पारस नाथ राय को उपाध्यक्ष, , मनोज कुमार एवम आनन्द प्रकाश विद्यार्थी   को महासचिव तथा सतीश कुमार को सचिव नियुक्त किया गया है.

डा. स्वामी ने  निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष मुरली मनोहर सिंह को राष्ट्रीय सचिव बनाने की घोषणा  की तथा उन्हे झार्खण्ड व पश्चिम बंगाल संगठन में प्रभारी महासचिव के साथ कार्य सौम्पा है.

 16 अक्टूबर  को  प्रात: 11 बजे दिल्ली से पधारने पर जपा अध्यक्ष का हवाई अड्डे पर फूल मालाओं व नारों से जोरदार स्वागत किया गया. डा. स्वामी के साथ इस दौरे में प्रभारी महासचिव डा. अरविन्द चतुर्वेदी व संग्ठन महासचिव अभिषेक जोशी भी थे.

हवाई अड्डे से  लगभग 200 मोटर साइकिल सवारों व उसके पीछे अन्य वाहनों में ज पा कारय कर्ताओं ने शोभा यात्रा निकाल कर अपना जोश ज़ाहिर किया.


यह जुलूस लगभग डेढ घंटे बाद  लोकनायक जय प्रकाश नारायण की प्रतिमा पर पहुंचा ,जहां   डा. स्वामी ने माल्यार्पण तथा उपस्थित कारयकर्ताओं को सम्बोधित किया.  तदुपरांत होटल रिपब्लिक पहुंचने पर तमाम ज पा कार्यकर्ताओं को भ्रष्टाचार से लडने की शपथ दिलाई.

बाद में^ संवाद दाताओं^ से बातचीत में डा स्वामी ने कहा की चूंकि जपा राजग का एक अंग है अत: लोकसभा हेतु  वह अन्य दलों से सलाह करेंगे.






Thursday, October 11, 2012

( आज जिनका जन्म दिन है ) अमर रहेंगे लोकनायक जय प्रकाश नारायण


जब भारतीय लोकतंत्र खतरे  में था और लोकतांत्रिक व्यवस्था को तहस नहस कर के देश पर तानाशाही लादने का प्रयास हो रहा था ,तब रोशनी की एक किरण बनकर देश को फिर से लोकतांत्रिक प्रकाश में ले जाने वाले लोकनायक जय प्रकाश नारायण का आज जन्म दिन है.
यह दुर्भाग्य ही है कि आज समाचार पत्र-पत्रिकाओं में ,टेलीविज़न के विभिन्न चैनलों पर अमिताभ बच्चन के 70 वें जन्मदिन का उल्लास मनाया जा रहा है और देश को दूसरी आज़ादी दिलाने वाले लोकतंत्र के इस महापुरुष को मीडिया भी भूल गया है.
11 अक्टूबर 1902 को सिताब दियारा नामक स्थान पर जन्मे लोकनायक भारतीय राजनीति के महानायक तो थे ही, अपितु सत्ता से दूर रहक्रर “सम्पूर्ण क्रांति” के अपने सपनों को पूरा करने में उन्होने अपने प्राणों की भी आहुति दे कर हमें दिखा दिया कि राजनीति क्या होती है.
कुशाग्र बुद्धि वाले जय प्रकाश नारायण एक मेधावी छात्र थे और सदैव अपनी शैक्षणिक उपलब्धियों के बूते पुरुस्कार पाते रहते थे. किंतु इस महात्यागी, महा बलिदानी ने अपना कैरियर दांव पर लगा कर महात्मा गान्धी के असहयोग अन्दोलन में भाग लिया. बाद में वह अपनी प्रतिभा के बल पर छात्रवृत्ति पाकर अमरीका गये तथा ओहाइयो वि.वि. से स्नातकोत्तर उपाधि अर्जित की.
वह पूंजीवाद के विरोध में सर्वहारा के लिये संघर्ष को सही मानते थे. इस सोच के चलते जब वह राजनीति में आये तो उन्होने वामपंथी विचारधारा  को चुना. समाजवादी,साम्यवादी विचारों के चलते वह कांग्रेस के साथ ज्यादा दिन चल नहीं सके और सोशलिस्ट  पार्टी बनायी.
वैचारिक रूप से वह शोषण के खिलाफ थे तथा इसी के चलते वह किसान,मज़दूर,गरीब, सर्वहारा के हितों लिये  सरकार से संघर्ष करते रहे. बाद में राजनीति से उनक   मोहभंग हो गया तथा उन्होने आचार्य विनोबा भावे के भू-दान अन्दोलन की राह पकड़ ली. इसी रूप में उन्होने मध्य प्रदेश में अनेक डाकुओं  के आत्म समर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. -
1973 मे गुजरात में चिमन भाई पटेल तथा बिहार में अब्दुल गफूर के नेट्रत्व में कांग्रेस्सी सरकारें थीं ,जहां भ्रष्टाचार ,भाई भतीजावाद, लूट-खसोट ,बेरोज़गारी ,गरीबी का साम्रज्य था. जनता त्राहि त्राहि कर रही थी. ऐसे समय  में उन्होने गुजरात से नव-निर्माण आन्दोलन शुरू किया, जिसमें उन्होने छात्रों व युवकों के आन्दोलन को दिशा दी. 1974 में उन्होने बिहार मे नव-युअव्कों व छात्रों को मिलाकर जनता मोर्चा बनाया तथा सरकार के खिलाफ संन्घर्ष किया.  यह ऐतिहासिक आन्दोलन भारतीय लोकतंत्र को नयी दिशा देने वाला सिद्ध हुआ.
जबलपुर लोकसभा के उपचुनाव में कांग्रेस्सी प्रत्याशी को हराकर शरद यादव जीते और इसी के साथ जनता मोर्चा क शुभारम्भ  हो गया. जेपी ने इस आन्दोलन में गज़ब का सामंजस्य दिखाते हुए सभी गैर कांग्रेसी  दलों को एक मंच पर ला खड़ा किया. यह एक जादू सा ही था,परन्तु जेपी के नेतृत्व में ही सम्भव था. बाद में 12 जून 1975 को इन्दिरा गान्धी जब अदालत के द्वारा लोकसभा से हटा दीं गयी तो आन्दोलन और भी उग्र हो गया तथा यह देशव्यापी हो गया. 
25 जून को आपात काल ( इमर्जेंसी) लगाकर सारे विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया गया. ज़ेपी भी जेल में बन्द हो गये. 18 माह बाद जब चुनाव घोषित हुए तो अनेक नेता प्रचार के भी काबिल नहीं थे .जे पी ने फिर करिश्मा कर दिखाया और जनता पार्टी की सरकार मोरार जी देसाई के नेतृत्व में बनी . आज़ाद भारत में यह पहली केन्द्र सरकार थी जिसे गैर कांग्रेसी सरकार कहा जा सकता है. इसे सारे गैर-कांग्रेसी दलों का सम्र्थन हासिल था,.
यह अलग बात है कि जनता प्रयोग भी आपसी झगडों के चलते विफल रहा. जेपी हताश व निराश हो गये .
8 अक्टूबर ,1979 को इस  भारतीय क्रांतिकारी राजनेता ने भूलोक त्याग दिया. किंतु जेपी अमर रहेंगे. हमारे दिलों मे.
जनता पार्टी अध्यक्ष डा. सुब्रमण्यम स्वामी जब हार्वर्ड वि.वि अमरीका में प्राध्यापक थे तब वहां जे पी एक आमंत्रण पर पहुंचे. तब उन्हे हार्वर्ड वि.वि. से परिचित कराने तथा आव-भगत का जिम्मा दिया गया. बाद में जब डा. स्वामी भारत वापिस आये तथा राजनीति में जे पी के सम्पर्क में आये तो जे पी बहुत उत्साहित थे. दिल्ली की ऐतिहासिक रामलीला मैदान की रैली का आयोजन मुख्य रूप से डा. स्वामी को जे पी ने ही सौंपा था. अंतिम दिनों में  उन्होने डा. स्वामी से कहा था कि जनता पार्टी नहीं छोड़ना ,चाहे सब छोड़ जायें . डा. स्वामी ने ऐसा ही किया.  आज के ही दिन 1988 में बंगलौर में जब जनता दल बना तो हम लोग उसमें शामिल नहीं हुए, जब कि अधिकांश जनता पार्टी के नेता जनता दल में चले गये.  तब  इन्दुभाई पटेल को अध्यक्ष बनाया गया था. इस पर विस्तार से चर्चा फिर कभी. 
लोकनायक ने देश की राजनीति में जो परिवर्तन किया वह स्थायी तो नहीं था ,परंतु ऐसे बीज़ बो दिये गये,जिससे लोकतंत्र का पौधा परिपक्व हो गया.
जनता परिवार की श्रद्धांजलि . 

(नीचे चित्र में: जेपी और कामराज)

( लेखक : डा. अरविन्द चतुर्वेदी) 

जनता पार्टी बिहार प्रदेश कार्यकर्ता सम्मेलन

आगामी 16 अक्टूबर ,मंगल वार ,नव रात्रों के शुभ समय ,जनता पार्टी बिहार प्रदेश सम्मेलन होने जा रहा है.

जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सुब्रमण्यम स्वामी के अतिरिक्त राष्ट्रीय महासचिव द्वय डा. अरविंद चतुर्वेदी एवम अभिषेक जोशी भी पटना सम्मेलन  को सम्बोधित  करेंगे.

जपा अध्यक्ष डा. स्वामी पटना में एक मीडिया  वार्ता को भी सम्बोधित करेंगे.

पटना से प्राप्त समाचारों से जानकारी उप्लब्ध हुई है कि अनेक जिलों से  कार्यकर्ता 16 अक्टूबर को पटना पहुंचेंगे .

Janata Party meet for Delhi & NCR

Janata Party's Active members in Delhi and NCR will meet in Delhi on Saturday October 20 to chalk out the agitation plan for the Capital .

There have been many local issues as well as national issues which have bothered the public .Janata Party has decided to represent this frustration of the masses through agitation.

The meeting will also take up  organizational issues. Besides National President Dr Subramanian Swamy , the meeting will also be addressed by national office bearers . 

Janata Party to contact elections in Jammu & Kashmir

A janata party meeting of the J&K state was held to discuss the issues related to the party organizational plans in J&K state. The meeting  of activists and Office bearers was organized by state president Abdul Rahman Lone. National Gen secy Abhishek Joshi, Maharashtra janata Party leader Jawed khan and Uttarakhand JP President Zaheer Ansari attended the meeting as special invitees & observers.




Media covered the event and reported  the press meet . I am reproducing the news paper clipping in English and Urdu for the benefit of Janata Party members